यह साहित्य ही है यो दो पैर के जानवर को इंसान बनाता है।साहित्य चाहे किसी भी भाषा का हो मानवीय संवेदनाएं जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता।परंतु इस परिचर्चा का उद्देश्य साहित्य की महत्ता प्रतिपादित करना नहीं है।इस परिचर्चा का मूल उद्देश्य 2015 की मुख्य परीक्षा के लिए एक दूसरे का सहयोग करना है।
उत्तर लेखन तो एक प्रमुख काम रहेगा ही। परंतु हिंदी साहित्य में सबसे बड़ी चुनौती शायद गद्य खंड की व्याख्याओं की सही पहचान का रहता है। इस काम पर विशेष जोर रहेगा। आप सभी परिचर्चा के लिए आमंत्रित हैं।
हम सभी का मार्ग खूब प्रशस्त हो.....
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आघात ऐसा कठोर था कि हृदय और मस्तिष्क की सम्पूर्ण शक्तियां, सम्पूर्ण विचार और सम्पूर्ण भार उसी ओर आकर्षित हो गये थे। नदी में जब कगार का कोई वृहदखण्ड कटकर गिरता है तो आस – पास का जलसमूह चारों ओर से उसी स्थान को पूरा करने के लिये दौड़ता है।
वैसे दृष्टि में टेस्ट सीरीज शुरू हो गई है आज 6-9 दूसरा टेस्ट था।